मोदी ने किया क्या है?
मिश्रित प्रभाव

2014 से एम्स नेटवर्क 7 से 23 संस्थानों तक बढ़ा — कई अब भी पूरी क्षमता से दूर

प्रकाशित: 15 सित॰ 2026

मई 2014फ़र॰ 2026

पहले बनाम अभी

भारत में एम्स की संख्या

2014
7
फरवरी 2026
23
अब भी चरणबद्ध संचालन में मौजूद नए एम्स (फरवरी 2023 लोकसभा जवाब)
16

2014 में पूरे देश में सिर्फ़ 7 एम्स थे। 2026 तक यह संख्या तीन गुना बढ़कर 23 हो गई — हालांकि कई नए एम्स को पूरी अस्पताल सेवाएं शुरू करने में उद्घाटन के बाद भी सालों लग गए।

शुरुआती स्थिति

जब एम्स का मॉडल दिल्ली से बाहर पहली बार बढ़ाया गया, तो 2000 के दशक के मध्य में भोपाल, भुवनेश्वर, जोधपुर, पटना, रायपुर और ऋषिकेश में छह नए एम्स-जैसे संस्थान मंज़ूर किए गए, जो 2012-2013 के बीच चालू हुए और 1956 में स्थापित मूल दिल्ली एम्स के साथ जुड़ गए। इस तरह 2014 तक देश में कुल 7 एम्स थे।

16 और एम्स मंज़ूर

प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के तहत 2014 के बाद 16 और एम्स मंज़ूर किए गए, जो उत्तर प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, बिहार, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और मणिपुर जैसे राज्यों में फैले हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने फरवरी 2026 में कहा कि एम्स नेटवर्क "6 से 23" संस्थानों तक बढ़ चुका है।

ईमानदार अंतर: घोषणा बनाम पूर्ण संचालन

संख्या में बढ़ोतरी उसी रफ़्तार से क्षमता में बढ़ोतरी नहीं बन पाई। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक लोकसभा जवाब (फरवरी 2023) में कहा गया कि नए एम्स "संचालन के विभिन्न चरणों में" हैं और घोषणा के सालों बाद भी सिर्फ़ सीमित OPD और IPD सेवाएं ही चल रही हैं। 2024 की शुरुआत में जब प्रधानमंत्री मोदी ने इनमें से 5 एम्स — राजकोट, बठिंडा, रायबरेली, कल्याणी और मंगलगिरी — देश को समर्पित किए, तब यह सभी पहले से सालों से आंशिक रूप से काम कर रहे थे, कुछ मामलों में 2018 से ही। स्वतंत्र टिप्पणीकारों ने भी नए परिसरों में फैकल्टी और शोध-निधि की कमी को मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता के लिए एक जोखिम बताया है।

स्वास्थ्यअस्पतालएम्स

स्रोत

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आख़िरी बार सत्यापित: 16 सित॰ 2026

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